प्रद्युमन हत्‍याकांड का सबसे बड़ा खुलासा, उस बच्‍चे के दोस्‍त ने बताया इतना बड़ा राज, देखें वीडियो

रेयान हत्‍याकांड दिन प्रतिदिन उलझता ही जा रहा है जैसा कि आप देख सकते हैं आए दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं जिसके बाद भी अभी तक ये नहीं पता चल पया कि आखिर असली आरोपी कौन है या फिर किसने मारा प्रद्युमन को? मीडिया हर तरफ से प्रयास कर रही है कि उस मासूम से बच्‍चे को इंसाफ मिले और देश भी यही चाह रहा है इस उबाल को देखते हुए सरकार भी इस मामले में जल्‍द से जल्‍द आरोपी तक पहुंचना चाहती है। इसलिए सबके बयान इक्‍ठ्ठे किये जा रहे हैं।

प्रद्युमन के माता पिता तो शुरू से ही एक ही बात पर अड़े हैं कि वो कंडक्‍टर असली कातिल नहीं है वो सिर्फ एक मोहरा है इस हत्‍या में स्‍कूल की बहुत बड़ी साजिश छिपी है और अब तो ड्राईवर से लेकर माली तक के बयान यही इशारा कर रहा है कि कातिल कोई और ही है। ध्‍यान देने वाली बात तो ये है कि अगर उस कंडक्‍टर ने बच्‍चे का खून किया होता तो वो वहां से भागा क्यों नहीं? कोई अपनी गुनाह खुद क्‍यों कुबुल करेगा और कोई भी कातिल खुद लाश को नहीं उठाता ना ही कोई सबूत छोड़ता है लेकिन यहां जो बयान सामने आया है उससे तो यही पता चलता है कि खुद उस कंडक्टर ने प्रद्युमन को अपनी गोद में उठाकर गाड़ी में बैठाया था जिससे उसके कपड़े भी खून से रंग गए थे।

जिसके बाद माली और ड्राइवर का बयान लिया गया जिसमें उन्‍होंने कहा कि कंडक्टर ये खून नहीं कर सकता है और ड्राईवर ने तो ये भी कहा कि उसे भी स्कूल की तरफ से दबाब बनाया जा रहा था ये बात कुबुल करने के लिए कि चाकू बस से ही मिला है। वहीं अब इस केस में एक और बयान सामने आया है जो कि उन दो बच्‍चों का है जब प्रद्युमन की हत्‍या से थोड़ी देर पहले वो उसी बाथरूम में थे। बता दें कि प्रद्युम्न की हत्या के समय मौजूद उनके इन दोस्तों ने चौंका देने वाले खुलासे किए।

प्रद्युमन के इन दोस्तों का कहना है कि वो बाथरूम में कराटे की ड्रेस बदलने के लिए गए थे लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्‍होंने देखा कि आरोपी कंडक्‍टर (अशोक) वहां लगे वाटर कूलर पर हाथ धोने के लिए आया था। वहीं दूसरे दोस्‍त ने कहा कि मैंने देखा कि एक मैड पोंछा लेकर आ रही थी ताकि वह खून साफ़ कर सके, उसने ये भी बताया कि जब प्रद्युम्न को बाथरूम से बाहर निकाला गया तब सारी टीचर्स रो रहीं थीं। तभी वहां जूनियर्स की इंचार्ज आईं तो उन्हें ड्राइवर को कहा भागकर जाओ गाडी कि चाबी लेकर आओ अस्पताल चलना है।

Inderpreet